Saturday, August 24, 2019

याद तुम्हारी दिलाए...

ये खाली रास्ते,
 ये सुनसान सड़कें,
 याद तुम्हारी दिलाए...
 याद तुम्हारी दिलाए।


 ये जिंदगी का अकेलापन,
 ये सपनों का बिखरापन,
 याद तुम्हारी दिलाए... 
याद तुम्हारी दिलाए।

 ये ख्वाबों का उलझापन,
 ये यादों का टूटा चमन,
 याद तुम्हारी दिलाए…
 याद तुम्हारी दिलाए।

 ये आंखों का यूं ही भर आना,
 ये आंसुओं का यूं ही बेह जाना,
 याद तुम्हारी दिलाए…
 याद तुम्हारी दिलाए।

 ये भीड़ में मेरा गुमसुम चलना,
 यूं ही मेरा खोया खोया रहना,
 याद तुम्हारी दिलाए…
 याद तुम्हारी दिलाए।

 ये दिल का अधूरापन,
 ये सांसो का धीमापन,
 याद तुम्हारी दिलाए…
 याद तुम्हारी दिलाए।

 ये यूं ही मेरा अकेले चलना, 
ये सुनसान राहों पर अकेले भटकना,
 याद तुम्हारी दिलाए…
 याद तुम्हारी दिलाए...

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