Wednesday, May 26, 2021

एक बार खुद को मेरी जगह रख के तो देख....

 

एक बार खुद को मेरी जगह रखके तो देख,

एक बार मेरी तरह प्यार करके तो देख,

बिना किसी नाराजगी के साथ रहकर तो देख,

एक बार खुद को मेरी जगह रख के तो देख।


बिना रूठे मुझे बार बार मनाकर तो देख,

तनहा रात रात भर  यादों मे जाग कर तो देख, 

एक बार खुद को मेरी जगह रख के तो देख।


बेइमतिया मेरी तरह मुझे चाह कर तो देख,

सिसकती हुई सांसों से मेरी तरह मुझे बुला कर तो देख

फिर तुझे शायद समझ आजाए प्यार का मतलब,

हां एक बार खुद को मेरी जगह रख के तो देख।


मेरे दर्द को एक बार मेरी तरह महसूस कर के तो देख,

मेरी तरह बहते अश्कों में भी मुस्कुरा के तो देख,

एक बार तू भी दिल टूटने के दर्द को सहकर तो देख,

 एक बार मेरी तरह मुझे चाह कर तो देख।

बस एक बार खुद को मेरी जगह रख के तो देख।


















बेवजह से तेरी तरह रूठने पे मुझे घंटो मना कर तो देख,

बात बात पे तेरा कहना तुम बदल गए हो , मेरी तरह हंसकर सह के तो देख,

फिर तुझे शायद समझ आजाए इश्क का मतलब,

हां एक बार खुद को मेरी जगह रख के तो देख।


मेरी तरह तू भी एक बार घंटो मेरा इंतजार करके तो देख,

मेरी तरह तेरी खुशी के लिए अपनी खुशी पीछे छोड़ कर तो देख,

फिर तुझे शायद समझ आजाए मेरी चाहत,

बस एक बार खुद को मेरी जगह रख कर तो देख।


तेरा मतलबी सा मुझसे बात करना ,

हर वक्त जाने की बात करना, 

मेरी तरह उसका एहसास कर के तो देख,

फिर तुझे शायद समझ आजाए मेरी मासुमियत,

बस एक बार खुद को मेरी जगह रख के तो देख ।


मेरा घंटो तेरी बातों को सुनना,

तेरी हर आरजू  को दिल से  पूरा करना, 

और बदले में तेरा मेरे लिए थोड़ा सा वक्त न दे पाना,

मेरी तरह महसूस करके तो देख,

फिर शायद तुझे समझ अजाए मेरी हालत,

बस एक बार खुद को मेरी जगह रख के तो देख।


मेरा तुमसे प्यार और इज्जत से बात करना,

पर तुम्हारा उस प्यार को जाने अंजाने में बेइजत करना,

मेरी तरह खामोशी से सब भूल कर तो देख

फिर शायद तुझे समझ अजाए मेरी मोहब्बत,

बस एक बार खुद को मेरी जगह रख के तो देख।


तेरे बेलगाम से शब्दों को मेरा सलीके मे ढालना,

तेरी गुस्ताखियो को मेरा प्यार से संभालना,

और फिर तेरा उस पर मुझे ही बेहया कहना,

मेरी तरह मुस्कुरा के सहकर तो देख,

 फिर शायद तुझे समझ अजाए मेरी कीमत,

बस एक बार खुद को मेरी जगह रख के तो देख।


तेरा यूं आधा अधूरा सा प्यार करना,

उम्रभर साथ देने का खोखला सा वादा करना,

पल में पास आकर अगले ही पल बिछड़ने की बात करना,

और अक्सर तेरा मुझे यूं तनहा सा छोड़कर जाना, 

काश तुम मेरी तरह कभी महसूस कर पाओ ,

फिर शायद तुझे समझ अजाए मेरे इश्क का मतलब

बस एक बार खुद को मेरी जगह रख के तो देख।


सिर्फ एक बार मेरी तरह प्यार करके तो देख,

न तुझे खुद से नफरत हो जाए तो कहना,

बस एक बार खुद को मेरी जगह रख के तो देख।

हां बस एक बार खुद को मेरी जगह रख के तो देख।।


© www.dynamicviews.co.in

Watch on YouTube & subscribe:

https://youtu.be/2aURGIX1XN4









Friday, April 30, 2021

रूठने का हक तो शायद तुम्हें ही है


हमारे सपनों के जहान में,

जमीन और आसमान में ,

रूठने का हक तो शायद तुम्हें ही है।


 बात कहीं से भी शुरू हो,

 मेरे अल्फाजों की भी कोई मजबूरी हो,

 पर रूठने का हक तो शायद तुम्हें ही है ।




तुम्हारी सौ गुस्ताखियां भी नादानी है,

 और मेरी सच्ची बातें भी बेमानी है,

 हां शायद रूठने का हक तो तुम्हें ही है।


 मेरी मोहब्बत को बात-बात पर परखा जाता है,

 और कभी मैं परखु तो उसे खता समझा जाता है,

क्योंकि रूठने का हक तो शायद तुम्हें ही है।


 तुम्हारा बेवजह से घंटो चुप रहना,

 मेरा बार-बार तुम्हें हंसाने की कोशिश करना,

 और

 उस पर तुम्हारा मुझ पर गुस्सा करना,

 मैं भूल जाता हूं ,

क्योंकि रूठने का हक तो शायद तुम्हें ही है।


 तुम्हारी परेशानियों को अपना समझना,

 फिर तुम्हारे दर्द को महसूस कर लेना,

 इस बात पर तुम नहीं समझोगे तुम्हारा यह कहना,

 फिर भी  तुम्हारा हाथ पकड़ कर मेरा साथ चलना ,

शायद तुम कभी समझ पाओ,

 क्योंकि रूठने का हक तो शायद तुम्हें ही है।


 तुम्हारी बेरुखी में भी मेरा मुस्कुराना,

 तुम्हारी गलतियों को मेरा नादानी समझ भूल जाना,

तुम्हें उदास देख मेरा मनाना,

 शायद तुम भूल जाओ,

 क्योंकि रूठने का हक तो शायद तुम्हें ही है।

 हां रूठने का हक तो शायद तुम्हें ही है ।।

©www.dynamicviews.co.in